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Inspirational story in hindi with moral

आज मैं आप को एक ऐसी कहानी बताने जा रहा हूँ जिससे हम सब को प्रेरणा मिलती हैं |

इस कहानी को पड़ने के बाद आप की सोच बदल जायगी और आप भी आचा और सुखद सोचने मैं प्ररित हो जायंगे |

२ व्यक्ति  बहुत बीमार थे|  दोनों को अस्पताल मैं अक कमरे मैं रखा गया |  इस कमरे मैं सिर्फ एक खारकी थी |  यह दोनों व्यक्तियों मैं से एक व्यक्ति उठ कर बैठ पता था और इसका बिस्तर कमरे की एक मात्र खिड़की का साथ था |  दूसरा व्यक्ति को आपने बिस्तर पर हमेशा उल्टा लेता रहना पड़ता था |

यह दोनों व्यक्ति आपस मैं दिन भर बातें करते रहते|  कभी आपने कार्य के बारे मैं तो कभी आपने परिवार के सदस्यों के बारे मैं चर्चा करते रहते थे | तो कभी आपनी पत्नियों के बारे मैं चर्चा करते थे| रोजाना बैनते करते करते वह घनिष्ट मित्र बन गए थे |

नर्स रोजाना साफ़ सफाई करने के लिए दिन मैं एक बार खिरकी के पास व्यक्ति तो एक घंटे के लिए बिठा देती|

हर रोज दोपहर को उस कमरे की एक मात्र खिड़की के पास वाले बिस्टर व्यक्ति जो बैठ सकता था वेह खिड़की से बहार देख कर आपने साथी को बहार का सुंदर दृश्य बताया करता|

और दुसरे बिस्तर मैं लेटा व्यक्ति उन पालो को आँखे बंद करके जीने लगता और महसूस करता |

कभी वह उस खडकी से बहार देखकर बताया करता कि एक सुन्दर झील जिसमे एक तरफ हंस तैर रहें हैं |  और दूसरी तरफ छोटे बचे अपनी नव बना कर पानी मैं चला रहे हैं|

इस झील के पास एक छोटा सा उद्यान हैं जहाँ पर अलग अलग रंगों के फूल खिले हैं |

जहाँ हंस पानी मैं तैर रहें हैं और बाचे कागज की नाव बना कर पानी मैं चला रहें हैं और एक जोड़ा हाथो मैं हाथ पकरकर उद्यान मैं घूम रहा हैं |

उस कमरे की खिरकी से देखकर बताया गया दृश्य सुनकर पास वाला व्यक्ति बहुत ही ख़ुशी और सकूँ महसूस करता | वह आपनी आँखें बंद करके इस वृतांत को महसूस करता |

एक दिन खिड़की के साथ वाला व्यक्ति नै बताना शरू किया, शादी का समहू का वृतांत बताना शरू किया लकिन दूसरा व्यक्ति शादी का शोर नहीं सुन प् रहा था फिरभी वह आँखे बंद कर के उस दृश्य को महसूस करने लगा |

इस प्रकार कई दिन बीत गए |  एक दिन सुबह जब नर्स नहलाने के लिया आइ तो देखा की खिड़की के साथ वाला व्यक्ति  नींद मैं ही मृत हो गया था | वह दुखी हो कर आपने दुसरे साथी को बुला कर मृत शारीर को ले जाने को कहा|

क्योकि दूसरा व्यक्ति बहुत ही व्याकुल था और वह उस बिस्टर से खिरकी का दृश्य देखना छठा था|  सही समाय देखकर उसने नर्से को कहा की उसे उस बिस्टर मैं बदल दिया जाये |

अगले दिन दुसरे व्यक्ति तो खिड़की वाले बिस्टर दे दिया | वह बहुत ही उत्सुक था उस खिरकी से वृतंतित दृश्य जो उसके साथी ने बताया था| धीरे से वह कोशिश करके आपनी कोहनी से उठकर देखा तो उसे सिर्फ दिवार दिखाई दी | वह आचम्भित हो गया और नर्स को बुलाया यह पुचने के लिए ऐसे काया पिचले साथी नै देखा जो बहुत ही सुंदर दृश्य बताता था|

नर्स ने बताया की वह अंधा व्यक्ति था उसे कुछ भी दिखाई नहीं देता था |  लेकिन वह आप को प्रोतसाहन करना छठा था इस लिये सुंदर दृश्य की कल्पना कर आप को वृतांत बताता था |

इस कहानी से यह सिख मिलती है की हमें खुशियाँ बातनी चाइये|

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